- हिमाचल में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, शिमला में पेट्रोल 100 रुपए के पार पहुंचा
- डीजल महंगा होने से सेब ढुलाई, मालभाड़ा और रोजमर्रा की चीजें होंगी महंगी
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर सीधे जनता पर पड़ा
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी होने से आम लोगों पर महंगाई की नई मार पड़ी है। बीते 10 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। इस बार पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
राजधानी शिमला में अब पेट्रोल की कीमत 100 रुपए 01 पैसे प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 92 रुपए 17 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है। पेट्रोल के 100 रुपए पार होने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी ईंधन की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। सुजानपुर में पेट्रोल 99.96 रुपए और डीजल 90.44 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। लुहरी में पेट्रोल 100.01 रुपए और डीजल 92 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं मंडी में पेट्रोल 99.05 रुपए और डीजल 91.42 रुपए प्रति लीटर हो गया है। ऊना में पेट्रोल 97.08 रुपए और डीजल 89.78 रुपए प्रति लीटर पहुंच चुका है।
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर सीधे आम जनता की जेब पर पड़ने वाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका असर खाद्य वस्तुओं और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर दिखाई देगा।
प्रदेश में अगले महीने से सेब सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में डीजल महंगा होने से सेब की ढुलाई पर खर्च बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर बागवानों पर पड़ेगा। पहले ही कई ट्रक यूनियनों ने मालभाड़ा बढ़ा दिया है। निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, सरिया, रेत और बजरी की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे पहाड़ी इलाकों में घर बनाना और महंगा हो गया है।
खेती-किसानी पर भी इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है। ट्रैक्टर, पंपिंग सेट और अन्य कृषि उपकरणों में डीजल की खपत अधिक होती है। ऐसे में खेती की लागत बढ़ेगी और अनाज व सब्जियों की कीमतों में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
सार्वजनिक परिवहन पर भी इसका असर पड़ेगा। आने वाले दिनों में बसों, टैक्सियों और स्कूल वाहनों के किराए बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
तेल कंपनियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने के कारण यह बढ़ोतरी करनी पड़ी है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इसी दबाव के चलते तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है।



